
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 आज संसद में पेश: बजट से 3 दिन पहले क्यों? जानिए पूरी जानकारी
CareerViQ Team
January 29, 2026
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 आज संसद में पेश किया जाएगा। बजट से 3 दिन पहले इसे क्यों प्रस्तुत किया जा रहा है? जानिए बजट सत्र 2026, देश की आर्थिक स्थिति और विकसित भारत 2047 से जुड़ी पूरी जानकारी।
भारत की आर्थिक दिशा को समझने के लिए हर वर्ष प्रस्तुत किया जाने वाला आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) एक अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। यह रिपोर्ट देश की आर्थिक स्थिति, विकास दर, महंगाई, उद्योगों की स्थिति और भविष्य की रणनीतियों पर गहन विश्लेषण प्रस्तुत करती है। वर्ष 2025-26 के लिए आर्थिक सर्वेक्षण को इस बार बजट से तीन दिन पहले संसद में पेश किया जा रहा है, जो कि सामान्य परंपरा से अलग है। इस निर्णय के पीछे सरकार की रणनीति, पारदर्शिता और बेहतर नीति निर्माण की सोच को देखा जा सकता है।
आर्थिक सर्वेक्षण क्या होता है?
आर्थिक सर्वेक्षण वित्त मंत्रालय द्वारा तैयार की जाने वाली एक वार्षिक रिपोर्ट होती है, जिसमें बीते वित्तीय वर्ष के दौरान देश की आर्थिक प्रगति और चुनौतियों का समग्र मूल्यांकन किया जाता है। यह रिपोर्ट सरकार को आगामी बजट की रणनीति तय करने में मदद करती है और नीति निर्धारण के लिए ठोस आंकड़े उपलब्ध कराती है।
आर्थिक सर्वेक्षण में मुख्य रूप से शामिल विषय:
- GDP ग्रोथ रेट और आर्थिक विकास
- महंगाई दर और मूल्य स्थिरता
- कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन
- रोजगार और स्टार्टअप इकोसिस्टम
- बैंकिंग, वित्तीय स्थिरता और निवेश प्रवाह
इस बार आर्थिक सर्वे बजट से पहले क्यों?
सामान्यतः आर्थिक सर्वे को बजट से एक दिन पहले प्रस्तुत किया जाता है। लेकिन इस बार इसे तीन दिन पहले पेश करने का निर्णय लिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि संसद और नीति-निर्माताओं को रिपोर्ट का गहन अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। इससे बजट बहस अधिक तथ्यात्मक, प्रभावी और व्यावहारिक हो सकेगी।
संभावित कारण:
- संसद में विस्तृत चर्चा के लिए समय उपलब्ध कराना
- पारदर्शिता बढ़ाना और जनता को पहले जानकारी देना
- बेहतर नीति और बजट निर्माण के लिए डेटा आधारित निर्णय
- विकसित भारत 2047 के विज़न को मजबूत आधार प्रदान करना
बजट सत्र 2026 का संक्षिप्त अवलोकन
संसद का बजट सत्र 28 जनवरी 2026 से प्रारंभ हुआ है, जिसकी शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से हुई। इस सत्र में सरकार की उपलब्धियों, आगामी योजनाओं और आर्थिक प्राथमिकताओं पर चर्चा की जाती है। केंद्रीय बजट 1 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा, जो भारत की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बजट सत्र की समय-सीमा:
- पहला चरण: 28 जनवरी से 13 फरवरी 2026
- दूसरा चरण: 9 मार्च से 2 अप्रैल 2026
- कुल बैठकें: 30
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 से प्रमुख अपेक्षाएँ
इस वर्ष का आर्थिक सर्वे भारत की तेज़ी से बदलती आर्थिक संरचना और वैश्विक चुनौतियों के बीच संतुलन की तस्वीर प्रस्तुत करेगा। सरकार का फोकस रोजगार सृजन, स्टार्टअप संस्कृति, डिजिटल अर्थव्यवस्था, हरित ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के विकास पर रहने की संभावना है।
- डिजिटल इंडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित विकास
- स्टार्टअप और MSME सेक्टर को बढ़ावा
- ग्रीन एनर्जी और सतत विकास
- ग्रामीण विकास और कृषि सुधार
- शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार
छात्रों और युवाओं के लिए आर्थिक सर्वे क्यों महत्वपूर्ण है?
करियर की योजना बनाने वाले छात्रों और युवाओं के लिए आर्थिक सर्वे एक मार्गदर्शक दस्तावेज की तरह कार्य करता है। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि आने वाले वर्षों में कौन-से सेक्टर तेज़ी से विकसित होंगे और किस प्रकार के कौशल की मांग बढ़ेगी।
Career Planning में आर्थिक सर्वे की भूमिका:
- भविष्य के जॉब ट्रेंड्स की पहचान
- उभरते सेक्टर जैसे AI, Data Science, FinTech
- सरकारी और निजी क्षेत्र में अवसरों की जानकारी
- प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महत्व
UPSC, MPSC, SSC, Banking, रेलवे, और MBA प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए आर्थिक सर्वे एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। इससे न केवल करंट अफेयर्स की समझ विकसित होती है, बल्कि उत्तर लेखन और इंटरव्यू की तैयारी में भी मदद मिलती है।
- आर्थिक शब्दावली की बेहतर समझ
- डेटा आधारित उत्तर लेखन
- नीति आधारित प्रश्नों के लिए ठोस आधार
- इंटरव्यू में करंट अफेयर्स पर मजबूत पकड़
विकसित भारत 2047: आर्थिक सर्वे की भूमिका
सरकार का लक्ष्य है कि भारत 2047 तक एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बने। आर्थिक सर्वे इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रणनीतिक दिशा प्रदान करता है। यह रिपोर्ट बताती है कि किन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता है, किन नीतियों में सुधार जरूरी है और किस प्रकार सतत विकास को सुनिश्चित किया जा सकता है।
मुख्य फोकस क्षेत्र:
- तकनीकी नवाचार और डिजिटल इकोनॉमी
- शिक्षा और कौशल विकास
- स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण
- इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट सिटी विकास
निष्कर्ष
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 केवल एक सरकारी रिपोर्ट नहीं है, बल्कि यह भारत के आर्थिक भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज है। बजट से तीन दिन पहले इसे प्रस्तुत करने का निर्णय सरकार की पारदर्शिता, बेहतर नीति निर्माण और दीर्घकालिक विकास दृष्टिकोण को दर्शाता है। छात्रों, युवाओं और प्रोफेशनल्स के लिए यह रिपोर्ट न केवल जानकारी का स्रोत है, बल्कि करियर की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।



